Product Information
Publication date
13 April 2026
Product Description
"आदिवासी भारत का प्राचीन और अर्वाचीन इतिहास (इ. सन पूर्व से १९४७)" एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जो भारत के मूल निवासियों (आदिवासियों) के समृद्ध इतिहास, उनकी अनूठी संस्कृति और महान संघर्षों को जीवंत करता है। ईसा पूर्व (BCE) के प्राचीन काल से लेकर सन् 1947 में देश की आजादी तक, यह पुस्तक भारतीय इतिहास के उन महत्वपूर्ण अध्यायों को उजागर करती है जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के इतिहास में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया। प्रसिद्ध इतिहासकार, शोधकर्ता और समाज सुधारक शेषराव एन. मडावी द्वारा रचित यह पुस्तक आदिवासी समाज के पारंपरिक शासन तंत्र, उनके सांस्कृतिक मूल्यों और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उनके वीर विद्रोहों का बारीकी से विश्लेषण करती है। सुधीर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह हिंदी संस्करण न केवल इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि अकादमिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी एक अमूल्य निधि है। पुस्तक की मुख्य विशेषताएं (Key Features): व्यापक ऐतिहासिक सफर: ईसा पूर्व से लेकर साल 1947 तक के आदिवासी भारत के प्राचीन और आधुनिक इतिहास का संपूर्ण और सिलसिलेवार कवरेज। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनिवार्य: UPSC, MPSC, NET/SET और इतिहास व मानवशास्त्र (Anthropology) के छात्रों व शोधार्थियों के लिए एक बेहतरीन और विश्वसनीय रेफरेंस बुक। प्रामाणिक शोध पर आधारित: लेखक शेषराव एन. मडावी के वर्षों के ऐतिहासिक अनुसंधान, दस्तावेजों और सामाजिक अनुभवों का निचोड़। बेहतर प्रिंटिंग और क्वालिटी: सुधीर प्रकाशन द्वारा स्पष्ट फॉन्ट और उच्च गुणवत्ता वाले पेपर पर प्रकाशित, जो पढ़ने के अनुभव को आसान और सुखद बनाता है। ज्ञान का अनमोल संग्रह: कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक पुस्तकालयों और व्यक्तिगत बुक शेल्फ के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और संग्रहणीय पुस्तक।